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*छत्तीसगढ़ के 30 शासकीय ITI का होगा कायाकल्प, ₹1,446 करोड़ के निवेश से युवाओं को मिलेंगे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर….*

छत्तीसगढ़ के 30 शासकीय ITI का होगा कायाकल्प, ₹1,446 करोड़ के निवेश से युवाओं को मिलेंगे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर….

पीएम-सेतु योजना से तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे युवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के कायाकल्प की योजना है। इसके तहत छह क्लस्टरों में कुल ₹1,446 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से तकनीकी प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। ITI संस्थानों में आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास से युवाओं को व्यावहारिक कौशल सीखने और अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण

वर्तमान समय में रोजगार के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव की मांग लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में ITI संस्थानों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ने की पहल युवाओं के कौशल विकास में उपयोगी साबित हो सकती है। उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने से प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

नौकरी पाने के साथ रोजगार देने की भी तैयारी

इस पहल की व्यापक परिकल्पना युवाओं को केवल नौकरी पाने योग्य बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी तैयार करना है। तकनीकी कौशल से लैस युवा अपने हुनर के आधार पर रोजगार के नए रास्ते तलाश सकेंगे और भविष्य में दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे।

पीएम-सेतु योजना के तहत प्रस्तावित यह निवेश छत्तीसगढ़ में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

लक्ष्य स्पष्ट है—हर युवा को हुनर, हर हुनरमंद को अवसर और छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग।