*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना बनी किसानों के लिए संबल*
*किसानों के खातों में पहुंची खुशियों की सौगात*
*उग्रसेन एवं संतूराम ने जताया प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार*
*जशपुर,20 जून 2026/* कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कंडोरा निवासी श्री उग्रसेन यादव के चेहरे पर उस समय खुशी साफ झलक रही थी, जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के रूप में 2 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में पहुंची। लगभग 10 एकड़ भूमि पर धान की खेती करने वाले किसान उग्रसेन बताते हैं कि खेती उनके परिवार के भविष्य और सपनों का आधार है।
वे भावुक होकर कहते हैं, खेती में हर मौसम नई चुनौतियां लेकर आता है। बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए समय-समय पर पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से समय-समय पर मिलने वाली किस्त की राशि से खेती कार्य में सहूलियत होती है। वे कहते है कि सरकार की विविध किसान हितैषी योजनाओं का लाभ ले रहे है।
उग्रसेन यादव को अब तक योजना के तहत 44 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। वे कहते है कि प्राप्त 23वीं किस्त की राशि का उपयोग वे खेती-किसानी के कार्यों में करेंगे, जिससे आगामी फसल की तैयारियों में सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार रूपये की राशि का भी लाभ मिला है। उग्रसेन कहते है कि सम्मान निधि की ये राशि भले ही छोटी हो, लेकिन खेती के समय यह बड़ी मदद बन जाती है। इससे हमें समय पर बीज और खाद खरीदने में सुविधा मिलती है।
वे बताते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला है। योजना से मिली सहायता राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने परिवार के लिए एक बेहतर और सुरक्षित घर का निर्माण करा रहे हैं।
उग्रसेन यादव कहते है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को मिल रहा यह सहयोग उन्हें आत्मनिर्भर बनने और खेती को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का हौसला दे रहा है।
इसी प्रकार ग्राम अंबाचुआ के किसान संतुराम अपने भाई के साथ मिलकर 13.5 एकड़ संयुक्त भूमि पर खेती करते हैं। वे धान के साथ-साथ दलहन फसलों का भी उत्पादन करते हैं। संतुराम बताते हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता खेती-किसानी के कार्यों में काफी मददगार साबित हो रही है। उन्हें नियमित रूप से योजना की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करना आसान हुआ है। वे कहते हैं कि सरकार की इस पहल ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ाया है।
